रुइया परिवार कौन है? अमेरिकी स्टील पर एस्सार के 18 अरब डॉलर के दांव के पीछे का परिवार



कभी भारी कर्ज़ में डूबा भारतीय समूह अब अमेरिका में किसी भारतीय ग्रुप के सबसे बड़े औद्योगिक निवेशों में से एक करने जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि एस्सार ग्रुप अपनी सहायक कंपनी मेसाबी मेटालिक्स के ज़रिए आयोवा राज्य में अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाने के लिए 18 अरब डॉलर का निवेश करेगा। मौजूदा विनिमय दर पर यह लागत लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये बैठती है। इस घोषणा के बाद एस्सार के मालिक रुइया परिवार पर फिर से सबकी नज़र है।

एस्सार के पीछे का परिवार

एस्सार की स्थापना भाइयों शशि रुइया और रवि रुइया ने की थी। शशि रुइया का निधन 25 नवंबर 2024 को 80 वर्ष की आयु में हुआ। ग्रुप की स्थापना 1969 में दक्षिण भारत में हुई थी। दशकों में यह कंपनी ठेकेदारी के काम से बढ़कर ऊर्जा, स्टील, बंदरगाह, शिपिंग और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों तक फैल गई।

अगली पीढ़ी में प्रशांत, अंशुमान और रेवांत रुइया के साथ स्मिति कनोडिया शामिल हैं। प्रशांत रुइया के मुताबिक परिवार की तीसरी पीढ़ी अब सक्रिय भूमिकाओं में आ रही है। अमेरिका की इस घोषणा में युवा पीढ़ी सामने दिख रही है।

अमेरिका से पुराना रिश्ता

अमेरिका में एस्सार का यह पहला कदम नहीं है। एस्सार ग्लोबल ने 2007 में अमेरिकी स्टील कंपनी मिनेसोटा स्टील खरीदी थी। इस सौदे से समूह को 1.4 अरब टन से ज़्यादा लौह अयस्क भंडार पर नियंत्रण मिला। भाइयों ने 2010 में अमेरिकी कंपनी ट्रिनिटी कोल भी 60 करोड़ डॉलर में खरीदी थी।

घोषणा के मौके पर रेवांत रुइया ने इसे "घर वापसी" बताया। उन्होंने कहा कि वे भारत में जन्मे, पढ़ाई अमेरिका में की और अपनी आधी ज़िंदगी वहीं बिताई है। उन्होंने बताया कि परिवार मिनेसोटा में एक नई लौह अयस्क खदान में 3 अरब डॉलर लगा रहा है, जो करीब 50 साल में अमेरिका की पहली ऐसी खदान होगी। उन्होंने "खदान से मिल तक" पूरी सप्लाई चेन का वादा भी किया।

भारी कर्ज़ से शानदार वापसी

कुछ साल पहले एस्सार की जो हालत थी, उसे देखते हुए इस दांव का आकार चौंकाने वाला है। 2017 के बाद से भाइयों ने करीब 20 अरब डॉलर का कर्ज़ चुकाया है। इसका एक हिस्सा संपत्तियां बेचकर आया। एस्सार ऑयल को रोसनेफ्ट और ट्राफिगुरा की अगुवाई वाले कंसोर्टियम को 12.9 अरब डॉलर में बेचा गया और उसका नाम नायरा एनर्जी हो गया। 2022 के आखिर में पावर प्लांट और कैप्टिव पोर्ट बेचने के बाद ग्रुप के कर्ज़-मुक्त होने की खबरें आईं।

एस्सार की नज़र स्टील से आगे भी है। ग्रुप ने ब्रिटेन में 1 गीगावाट का डेटा सेंटर प्रस्तावित किया है, जिसकी वजह AI से बढ़ती बिजली-खपत वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग है।