Hysteria
Hysteria (हिस्टीरिया)
Freud का मानना था कि hysteria के पीछे अक्सर repressed emotions और unconscious conflicts होते हैं। यानी जो भावनाएँ या अनुभव व्यक्ति दबा देता है, वे बाद में अलग-अलग symptoms के रूप में बाहर आ सकते हैं। इसी विचार ने आगे चलकर psychoanalysis और psychotherapy के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज के समय में “hysteria” शब्द का उपयोग clinical diagnosis के रूप में कम किया जाता है। इसकी जगह modern psychology में इसे अलग-अलग disorders जैसे conversion disorder या dissociative disorders के रूप में समझा जाता है।
Importance (महत्व)
Hysteria का अध्ययन psychology के इतिहास में एक turning point माना जाता है, क्योंकि इसी के जरिए यह समझ आया कि mental और emotional factors शरीर पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
यह concept Repression, Unconscious Mind और Psychotherapy जैसे ideas से जुड़ा हुआ है, जो मिलकर human behavior को समझने में मदद करते हैं।